सेवा-प्रवृत्तियाँ

श्री विद्या कल्याण धाम में निरंतर चलने वाली धार्मिक और सामाजिक प्रवृत्तियाँ – नित्य यज्ञ से वस्त्र-कंबल दान तक।

धाम में धर्म और सेवा एक-दूसरे से अलग नहीं हैं। यज्ञ के साथ अन्नदान, पूजन के साथ गौ सेवा – ये दस प्रवृत्तियाँ धाम में निरंतर चलती हैं।

  1. नित्य यज्ञ

    धाम में प्रतिदिन वैदिक विधि से यज्ञ होता है – ऋषिकुमारों द्वारा मंत्रोच्चार के साथ अग्नि में आहुति।

  2. श्री यंत्र पूजन

    श्री यंत्रराज का नित्य पूजन, शुक्रवार को शृंगार दर्शन और पर्वों पर नवावरण महापूजा तथा लक्षार्चन।

  3. षोडश संस्कार

    जनेऊ से विवाह तक के सोलह वैदिक संस्कार शास्त्रोक्त विधि से।

  4. अन्न दान

    भक्तों, यात्रियों और ज़रूरतमंदों के लिए भोजन-प्रसाद।

  5. छाछ-शरबत वितरण

    राहगीरों और श्रमिकों के लिए छाछ और शरबत का वितरण।

  6. गौ सेवा

    श्री विद्या गौशाला, रतनपर में गायों की सेवा – चारा, आश्रय और देखभाल।

  7. ब्रह्म भोजन

    ब्राह्मणों और विद्वानों का सम्मानपूर्वक भोजन।

  8. वैदिक विवाह

    माता-पिता विहीन बेटियों के सामूहिक वैदिक विवाह।

  9. पुस्तक सहायता

    विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकों और धार्मिक ग्रंथों की सहायता।

  10. वस्त्र-कंबल दान

    ज़रूरतमंदों को कंबल और वस्त्रों का वितरण।