धाम के बारे में

श्री विद्या कल्याण ट्रस्ट, राजकोट द्वारा संचालित श्री विद्या कल्याण धाम – वैदिक गुरुकुल – का परिचय, उद्देश्य और दिनचर्या।

श्री विद्या कल्याण धाम

श्री विद्या कल्याण धाम राजकोट-मोरबी हाईवे पर रतनपर गाँव में स्थित वैदिक गुरुकुल और साधना-स्थल है। यहाँ श्री विद्या परंपरा के अनुसार श्री यंत्रराज की नित्य उपासना होती है, ऋषिकुमार वेदाध्ययन करते हैं और गौ सेवा तथा अन्न दान जैसी सेवाएँ निरंतर चलती हैं।

ट्रस्ट

धाम का संचालन श्री विद्या कल्याण ट्रस्ट, राजकोट (ट्रस्ट रजि. नं. E/11515/Rajkot) करता है। ट्रस्ट का पंजीकरण क्रमांक और संपर्क विवरण इस वेबसाइट के प्रत्येक पृष्ठ के अंत में दिया गया है; इसके अतिरिक्त धाम के नाम से प्रसारित कोई भी जानकारी आधिकारिक नहीं है।

उद्देश्य

धर्म, संस्कार और सेवा – ये तीन धाम के आधारस्तंभ हैं। वेदविद्या का संवर्धन, सनातन संस्कारों का सिंचन और समाज के प्रत्येक वर्ग तक सेवा पहुँचाना धाम का संकल्प है।

दिनचर्या

प्रातः संध्या और नित्य यज्ञ से दिन का आरंभ होता है। दिन में वेदपाठ और अध्ययन चलता है, संध्या को भजन-कीर्तन होता है। प्रत्येक शुक्रवार संध्या श्री यंत्रराज के शृंगार दर्शन होते हैं, और पूर्णिमा तथा पर्वों के दिन विशेष महापूजा होती है।

देवस्थान

  • श्री यंत्र मंदिर – बाला, कामाख्या, दशमहाविद्या, दिग्गज और अष्ट महानाग युक्त काले पत्थर का मेरु श्री यंत्र – श्री यंत्रराज – धाम के केंद्र में।
  • श्री महादेव मंदिर – श्री पंचनाथ महादेव का शिवलिंग।
  • श्री सिद्ध हनुमानजी मंदिर – श्री सिद्ध हनुमानजी महाराज।
  • श्री शनिदेव मंदिर – श्री सर्वदाता शनिदेव महाराज।
  • श्री कालभैरव मंदिर – श्री कालभैरव।
  • श्री विद्या गौशाला, रतनपर – धाम की गायों की सेवा का स्थान।